कोरोना वायरस से संक्रमित 80 फीसदी मरीजों को उपचार की जरूरत नहीं: डॉ राजेश गुप्ता

कोरोना वायरस से संक्रमित 80 फीसदी मरीजों को उपचार की जरूरत नहीं: डॉ राजेश गुप्त
नोएडा(अमन इंडिया)। सेक्टर-62 स्थित फोर्टिस अस्पताल के एडिशनल डायरेक्टर इन्टेन्सिव केयर एंड क्रटिकल केयर, पल्मोनोलॉजी डॉ राजेश गुप्ता ने कहा है कि कोरोना वायरस के एक सबटाइप का नाम है, जिसकी पहचान चीन के वुहान प्रांत में दिसंबर 2019 में अज्ञात कारणों से फैलने वाले निमोनिया के दौरान की गई थी। उसके बाद से वायरस भारत समेत दुनिया के कई भागों में फैल चुका है। अभी तक 90,000 से अधिक लोग इससे संक्रमित हो चुके हैं और 3200 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है।
उन्होंने एक बयान में बताया कि इस बीमारी के वजह से सांस लेने के रोग पैदा होते हैं जिनमें निमोनिया के हल्के से लेकर गंभीर किस्म के लक्षण शामिल हैं और उपचार के लिए गहन चिकित्साज देखभाल जरूरी होता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट के मुताबिक, कोरोना वायरस से संक्रमित करीब 80 फीसदी मरीजों को किसी किस्म के उपचार की जरूरत नहीं होती और वे तत्काल स्वस्थ्य भी हो जाते हैं। लेकिन हृदय रोगों, उच्चम रक्तपचाप, मधुमेह, सीओपीडी तथा कैंसर से प्रभावित बुजुर्गों (60 वर्ष से अधिक उम्र) में इसकी वजह से गंभीर रोग पैदा होने की आशंका अधिक है और ऐसे करीब 25 फीसदी मरीजों की मृत्यु् भी हो सकती है।  उन्होंने बताया कि संक्रमित व्यंक्ति जब खांसता या बोलता है तो उसके मुंह से निकलने वाले छींटों के जरिए करीब 3 फुट के दायरे में कोरोनावरस फैलता है। ये वायरस आसपास की सतहों पर चिपक जाते हैं। इस प्रकार संक्रमित हुए स्थानों (3 फुट) के संपर्क में आने वाला कोई भी व्यंक्ति सांस के जरिए वायरस संक्रमण का शिकार बन सकता है।